मंच पर थे टाटा समूह के प्रतिनिधि, ममता ने किया दावा : बंगाल में रोजगार बढ़ा, देश में बेरोजगारी बढ़ी


कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को एक औद्योगिक सम्मेलन में टाटा समूह के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में जहां एक तरफ बड़े पैमाने पर रोजगार बढ़ा है तो दूसरी ओर पूरे देश में बेरोजगारी बढ़ी है। पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में कार्यक्रम में संबोधन करते हुए ममता ने दावा किया कि पूरे देश में कोरोना के बाद जहां एक तरफ 45 फ़ीसदी बेरोजगारी बढ़ी है वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में 40 फ़ीसदी रोजगार बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार पश्चिम बंगाल को औद्योगिक विकास के मामले में देश में शीर्षस्त बनाने में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री ने खड़गपुर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम से टाटा स्टील के उपाध्यक्ष संजीव पॉल की उपस्थिति में खड़गपुर के पास टाटा मेटल्स की नई इकाई का उद्घाटन किया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा में प्रशिक्षित छात्रों को नौकरी नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए। ममता ने कहा कि अब टाटा मेटालिक्स ने और 600 करोड़ रुपये का निवेश किया है। आने वाले दिनों में इसमें और इजाफा होगा।
ममता के भाषण के दौरान संजीव सहित टाटा समूह के अधिकारी मंच पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा और पुरुलिया में सरकारी विकास परियोजनाओं (19 परियोजनाओं का उद्घाटन और छह परियोजनाओं का शिलान्यास) भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाले दिनों में जंगलमहल जिलों में पर्यटन के विकास को विशेष महत्व देगी। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ममता ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 89 हजार स्कूली शिक्षकों, 10 कॉलेज शिक्षकों की भर्ती के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि केवल चमड़ा उद्योग में ढाई लाख लोगों को रोजगार मिला है। हम चुपचाप काम करते हैं। इसलिए कोई नहीं जान सकता। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बीरभूम के देउचा-पचामी में कोयला खदान परियोजना लागू होने से एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसको लेकर उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा, माकपा बाधा डाल रहे हैं। कोयले की खान होगी तो लाखों बच्चों को रोजगार मिलेगा! मैं कहती हूं, रोजगार का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय गैस ग्रिड पाइपलाइन, ताजपुर में बंदरगाह, बालुरघाट-कोचबिहार-मालदाह हवाई अड्डे और यहां तक कि विभिन्न जिलों में 26 हेलीपैड के निर्माण के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम अंडाल एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बनाएंगे।



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