मां दिल्ली में हूं..अब वापस घर नहीं लौटूंगी


जिस घर के आंगन में पल कर बच्चे जवानी की दहलीज पर पहुंच रहे हैं, उससे नाता तोड़ने में वह जरा भी देर नहीं कर रहे। घर और आंगन ही नहीं बल्कि बहकावे में आकर खून के रिश्तों तक से मुंह मोड़ रहे युवा यह तनिक भी समझने की कोशिश नहीं करते कि उनके पालनहार पर क्या बीत रही होगी3

कटघर थाना प्रभारी मनीष सक्सेना ने बताया कि गुरुवार रात युवती के पिता ने बताया कि उनकी 20 वर्षीय बेटी शहर के प्रभात मार्केट में दोपहिया वाहनों के शोरूम पर तीन माह से नौकरी कर रही थी। कंधे पर पिता के पारिवारिक बोझ को महसूस करने के बाद बिटिया ने सहयोग के लिए नौकरी करने का दावा किया था। यही वजह रही कि दंपती ने बेटी को नौकरी करने की अनुमति दे दी।

छह सितंबर का दिन दंपती पर बज्र बनकर टूटा। जब नौकरी करने निकली बेटी रात नौ बजे तक वापस घर नहीं लौटी। बदहवास मां-बाप रिश्तेदारों के मोबाइल फोन पर संपर्क साधना शुरू किया। बेटी की मौजूदगी के बाबत उन्होंने पूछताछ की। चारों तरफ से दंपती को निराशा हाथ लगी। लापता बिटिया का कोई सुराग उन्हें नहीं मिला। दूसरे दिन 7 सितंबर को मां के मोबाइल फोन पर दिल्ली से काॅल आई। काॅल करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसकी लापता बेटी थी। बिलखती मां से बेटी ने कहा कि वह दिल्ली में महफूज है।

अब वापस घर लौटने वाली नहीं है। ऐसे में बेटी के वापस लौटने की उम्मीद करना बेमानी है। दिल में चुभने वाले बेटी के तीखे बोल से मां सन्न रह गई। दिल की वेदना व आपबीती महिला ने पति से कही। पति ने ढांढस बधाया। तीखे बोल का निहितार्थ तलाशते हुए पिता ने कहा बिटिया गलत हाथों में फंस गई है। बहला-फुसलाकर उसका किसी ने अपहरण कर लिया है। दंपती ने यही तहरीर पुलिस को दी। बेटी की गुमशुदगी का मुकदमा पुलिस ने दर्ज तो कर लिया, लेकिन वह भली-भांति समझ गई कि गुमराह बेटी जल्दी मां-बाप के हाथ नहीं लगने वाली।

न्यूज़ क्रेडिट: amritvichar



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.