फूड लाइसेंस की आड़ में चल रहा था गोरखधंधा


राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण ने बद्दी में अरसे से नकली दवा निर्माण में संल्पित एक फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। गुरुवार देर रात थाना गांव में एक्लीम फॉम्र्युलेशन उद्योग में प्राधिकरण की टीम ने छापामारी की और न्यूट्रास्युटिकल्स की आड़ में नकली दवा निर्माण व बिक्री के इस गोरख धंधे का भंड़ाफोड़ किया। गुरुवार रात शुरू हुई छापामारी शुक्रवार सुबह नौ बजे तक जारी रही। उक्त कंपनी के पास केवल फूड लाइसेंस है इसके बावजूद यह फर्म नापाक तरीके से ग्लेनमार्क फार्मा की ब्लड प्रेशर के उपचार की दवा का धड़ल्ले से निर्माण कर रही थी। नकली दवा फैक्टरी से भारी तादाद में नकली दवाओं की खेप भी प्राधिकरण की टीम ने बरामद की है। प्राधिकरण की टीम पिछले कई दिनों से इस दवा फैक्टरी पर नजर रखे हुए थी। गुरूवार रात राज्य दवा नियंत्रक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक्लीम फॉम्र्युलेशन को सील कर ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है और कंपनी मालिक को जांच में शामिल होने का निर्देश दे दिए गए है। एचडीएम

कंपनी सील, केस दर्ज

राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने बताया कि बरामद की गई टेल्मा-एच टैबलेट के दो नमूने भी प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए भेजे गए हैं। प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए यूनिट परिसर को सील कर नकली दवाओं की बिक्री व निर्माण पर ड्रग एंड कास्मेटिक् एक्ट की धारा 18(सी), धारा 18(ए) व 17बी के तहत केस पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

एफएसएसएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल

एक्लीम फॉम्र्युलेशन उद्योग के पास एफएसएसएआई द्वारा जारी फूड लाइसेंस है, लेकिन वह इस लाइसेंस की आड़ में नकली दवाए बना रहा था। इस पूरे मामले में एफएसएसएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है। कारण यह कि लाइसेंस देने के बाद भी एफएसएसएआई ने उद्योग में क्या बन रहा है इसकी जांच की जहमत ही नही उठाई। बताया जा रहा है कि न्यूट्रास्यूटिकल्स के लिए लाइसेंस गाजियाबाद स्थित केंद्रीय एफएसएसएआई द्वारा दिया गया है।

न्यूज़ क्रेडिट: divyahimachal



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