दिल्ली सरकार ने निर्माण स्थलों पर धूल के स्तर को रोकने के लिए एंटी-डस्ट अभियान किया शुरू


दिल्ली सरकार ने गुरुवार से शुरू होकर एक महीने तक चलने वाला सघन धूल विरोधी अभियान शुरू किया जिसके तहत सभी निर्माण स्थलों को धूल के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए 14 नियमों का पालन करना होगा. यह अभियान दिल्ली में छह नवंबर तक चलेगा।
निर्माण स्थलों पर मानदंडों का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है जो प्राधिकरण राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशानिर्देशों के अनुसार लगा सकते हैं। एनजीटी के दिशा-निर्देशों का बार-बार उल्लंघन करने पर अधिकारी 5 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगा सकते हैं। गंभीर मामलों में, अधिकारी निर्माण स्थल को बंद करने का आदेश भी दे सकते हैं।
दिल्ली पर्यावरण विभाग ने कई एजेंसियों के साथ मिलकर 586 टीमें बनाई हैं, जो निर्माण स्थलों की निगरानी करेंगी और जांच करेंगी कि क्या वे धूल-विरोधी अभियान के तहत सूचीबद्ध मानदंडों का पालन कर रही हैं। 14 नियम इस प्रकार हैं:
एंटी-स्मॉग गन
धूल प्रदूषण को रोकने के लिए पहले 20,000 वर्ग मीटर में फैले एक निर्माण स्थल पर एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य था। इस प्रावधान को अब संशोधित किया गया है और अब 5,000 वर्ग मीटर से अधिक की प्रत्येक साइट पर एक एंटी-स्मॉग गन लगानी होगी।
5,000 वर्ग मीटर और 10,000 वर्ग मीटर के बीच के क्षेत्र के साथ एक निर्माण स्थल के लिए एक एंटी-स्मॉग गन की आवश्यकता होती है, 10,000 वर्ग मीटर और 15,000 वर्ग मीटर के बीच दो एंटी-स्मॉग गन और 15,000 वर्ग मीटर के बीच फैले निर्माण स्थलों की आवश्यकता होती है। 20,000 वर्ग मीटर में तीन स्मॉग रोधी बंदूकें होनी चाहिए। 20,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाले निर्माण स्थलों के लिए चार एंटी-स्मॉग गन की आवश्यकता होती है।
14-सूत्रीय धूल-विरोधी अभियान के तहत सूचीबद्ध उपायों में सभी निर्माण कंपनियों को धूल को फैलने से रोकने के लिए निर्माण स्थलों के चारों ओर टिन की विशाल दीवारें बनानी हैं; उन्हें तंबू के साथ निर्माण या विध्वंस कार्य को कवर करना होगा; निर्माण सामग्री ले जाने वाले टायरों सहित वाहनों को साफ करना; निर्माण से संबंधित वाहनों को कवर में रखें; निर्माण सामग्री और मलबे को एक निर्दिष्ट स्थान पर विध्वंस से हटा दें, न कि निर्माण स्थलों के आसपास या इसके आसपास के क्षेत्र में; मिट्टी या रेत जैसी निर्माण सामग्री को ढक कर रखें; निर्माण के दौरान खुले में पत्थर की कटाई न करें और पत्थरों को काटने के लिए गीले जेटिंग का उपयोग न करें; धूल के प्रसार से बचने के लिए गैर-सीमेंटेड और मिट्टी वाले क्षेत्रों में पानी का छिड़काव करें।
20,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र के निर्माण या विध्वंस स्थलों में काले रंग की पक्की सड़क होनी चाहिए ताकि वाहनों के परिवहन में धूल न फैले। निर्माण या विध्वंस के दौरान उत्पन्न कचरे को साइट पर या निर्दिष्ट स्थान पर ही पुनर्नवीनीकरण किया जाना है। उसी का रिकॉर्ड रखा जाए।
श्रमिकों के लिए
श्रमिकों की सुविधा के लिए लदान-अनलोडिंग या निर्माण सामग्री और मलबे को ले जाने में शामिल लोगों को डस्ट मास्क उपलब्ध कराना अनिवार्य है। निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के पर्याप्त प्रावधान होने चाहिए। निर्माण स्थलों पर धूल कम करने के उपायों को दर्शाने वाले साइन बोर्ड प्रमुखता से लगाए जाने चाहिए।
राज्य पोर्टल पर पंजीकरण करने वाली कंपनियां
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू है, जिसके अनुसार 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी निर्माण स्थलों को राज्य सरकार के एक पोर्टल पर पंजीकृत करना आवश्यक है। यदि कंपनियां पंजीकरण नहीं कराती हैं, तो उन्हें आगे निर्माण करने से रोक दिया जाएगा।
“मैं दिल्ली के लोगों से आज से इन 14 नियमों का पालन करने की अपील कर रहा हूं। यदि आप अपने पड़ोस में, किसी भी निर्माण स्थल पर या दिल्ली भर में कहीं भी इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो आप फोटो क्लिक करके ग्रीन दिल्ली ऐप पर शिकायत कर सकते हैं। इससे हमें अभियान की निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।”



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Both races are crucial in the battle for control of the evenly divided Senate, where Democrats are defending a narrow majority held up by Vice President Kamala Harris’ tie-breaking vote.

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19 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक बलात्कार, छह गिरफ्तार


रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में 19 वर्षीय एक युवती के साथ छह लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया और अश्लील वीडियो बनाकर उसे उसके परिजनों के मोबाइल में भेज दिया। यह जानकारी एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और प्रशासन अब उनके अवैध घरों को बुलडोजर से गिराने की तैयारी कर रही है।
रीवा के पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर हनुमना थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुई। भसीन ने बताया कि एक परिवार एक दुर्गा पंडाल में नवमी की दुर्गा आरती देखने गया था और परिवार के सभी लौट आये लेकिन 19 वर्षीय युवती वहीं रुक गयी। पुलिस अधीक्षक के अनुसार कुछ देर बाद जब अकेली युवती घर लौट रही थी, तब रास्ते में आरोपी उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे और उनमें युवती के परचित युवक भी शमिल थे।
उन्होंने कहा कि युवती के विरोध करने पर आरोपी उसे अगवा कर जंगल की तरफ ले गए, जहां उसके साथ उन्होंने सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सामूहिक बलात्कार के बाद आपत्तिजनक हालत में उसका वीडियो बना लिया। पुलिस के मुताबिक डरी सहमी युवती ने घटना की किसी को जानकारी नहीं दी थी, लेकिन आरोपियों ने ही यह वीडियो परिजनों को भेज दिया। भसीन ने बताया कि घटना के दो दिन बाद पीड़ित युवती परिजनों के साथ घटना की शिकायत लेकर थाने पहुंची, जहां पर पुलिस ने मामला दर्ज कर महिला अधिकारियों के समक्ष उसके बयान दर्ज कराये।
उनके अनुसार पहले युवती केवल छेड़छाड़ की बात कह रही थी लेकिन हिम्मत जुटाते हुए उसने पूरी आप बीती पुलिस को बताई। उन्होंने कहा कि पीड़ित युवती के अनुसार जब वह आरती देखकर लौट रही थी, उसी बीच उसे अगवा कर दरिंदे उसे पिपराही के जंगल ले गए जहां उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।
युवती के अनुसार साथ ही आरोपियों ने उसका अप्पतिजनक वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी जिससे वह काफी डर गयी। लोक लाज के चलते उसने पूरी घटना परिजनों से छिपा ली थी। भसीन ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धाराओं 376 डी (सामूहिक बलात्कार), 341, 354 एवं 294 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और विस्तृत जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि सामूहिक बलात्कार करने वाले दो आरोपी बाल अपचारी है। भसीन ने बताया कि पुलिस अब जांच पूरी कर जल्द से जल्द आरोपियों को सजा दिलाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि साथ ही प्रशासन का अमला उनके मकानों को चिन्हित कर रहा है एवं उसके बाद बुलडोजर चलाकर उन मकानों के अतिक्रमण को नेस्तनाबूद कर दिया जायेगा।



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Uvalde school district fires officer after CNN identified her as trooper being investigated for her response to massacre | CNN

An ex-state trooper who’s being investigated for the response to the Uvalde massacre has been fired from her new job working for school district police following a CNN report.

Uvalde school district fires officer after CNN identified her as trooper being investigated for her response to massacre | CNN



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करंट लगने से बिजली विभाग के कर्मचारी की मौत


अररिया। फारबिसगंज चौरा परवाहा मीर कचहरी के पास नहर के समीप करंट लगने से बिजली विभाग के औराही सेक्शन में मानव बल के रूप में कार्यरत बिजली मिस्त्री मो.इस्तियाक पिता-मो.दाऊद की आज बिजली ठीक करने के दौरान करंट में हाई वोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गयी। मो.इस्तियाक भागकोहलिया पंचायत के चौरा परवाहा गांव का रहने वाला था और बिजली विभाग में मानव बल के रूप में पदस्थापित था।
बिजली विभाग में निजी तौर पर वर्षों से बिजली मिस्त्री का काम करता था और पिछले दो वर्षों से मानव बल के रूप में पदस्थापित था। मो.इस्तियाक खराब बिजली को ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ा था और बकायदा पावर हाउस में फोन करके शट डाउन लेकर पोल पर चढ़ा था लेकिन शट डाउन नहीं होने के कारण 11 हजार वाले हाई वोल्टेज बिजली के तार के चपेट में आ गया और बुरी तरह झुलस गया। जहां से आनन-फानन में उन्हें फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया।जहां इलाज के क्रम में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।



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