न्यायालय में पेशी के दौरान फूट-फूट कर रोए पार्थ, कहा : जीना चाहता हूं जमानत दे दीजिए


कोलकाता। पश्चिम बंगाल में शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी बुधवार को पेशी के दौरान न्यायालय में फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने न्यायाधीश से अपील करते हुए जमानत देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जमानत दीजिए जिंदा रहना चाहता हूं। इसके पहले अलीपुर कोर्ट द्वारा दी गई 14 दिनों की हिरासत बुधवार को संपन्न हुई जिसके बाद उन्हें आभासी माध्यम से एक बार फिर कोर्ट में पेश किया गया। एक बार फिर ईडी ने उन्हें हिरासत में लेने की अर्जी लगाई।
पार्थ के साथ उनकी महिला मित्र अर्पिता मुखर्जी को भी पेश किया गया था। देर शाम कोर्ट ने इस पर फैसला सुनाया है और एक बार फिर पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को और 14 दिनों तक (28 सितंबर) जेल हिरासत में हीं रखने का आदेश दिया है। पार्थ के अधिवक्ता ने जमानत की अर्जी लगाई थी लेकिन अर्पिता की ओर से ऐसी कोई अर्जी नहीं लगाई गई थी। जैसे ही पार्थ चटर्जी के अधिवक्ता ने कोर्ट के सामने उनकी जमानत का जिक्र किया, पार्थ रोने लगे। उल्लेखनीय है कि पार्थ चटर्जी प्रेसीडेंसी सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्हें 23 जुलाई को ईडी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था।



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