सरपंच के पति ने किया ग्राम पंचायत का संचालन तो जाएगी सरपंची


ग्वालियर। त्रि-स्तरीय पंचायतों के लिए निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के स्थान पर कोई और व्यक्ति ग्राम सभा व ग्राम पंचायत इत्यादि की बैठक में भाग नहीं ले सकेगा। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को लिखित में निर्देश जारी किए हैं कि सरपंच या पंच के पद पर निर्वाचित महिला प्रतिनिधि के स्थान पर यदि उनके पति या किसी अन्य परिजन द्वारा ग्राम पंचायत या ग्राम सभा की बैठक में भाग लिया जाए तो ऐसी महिला सरपंचों व पंचों को पद से हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित करें।

कलेक्टर सिंह ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने त्रि-स्तरीय पंचायतों के लिये चुनी गईं महिला जनप्रतिनिधियों के सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास में महिलाओं की भूमिका को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि महिला पदाधिकारियों के स्थान पर ग्राम पंचायत व ग्राम सभा की बैठकों का संचालन उनके पति अथवा परिजनों द्वारा किया जाना वर्जित है। इस सिलसिले में कलेक्टर द्वारा यह आदेश जारी किया गया है। ज्ञात हो त्रि-स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से जिला, जनपद व ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिये आरक्षित किए गए हैं।

कलेक्टर सिंह ने पत्र के जरिए सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ताकीद किया है कि महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पतियों द्वारा बैठकों के संचालन संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लें। साथ ही समय-सीमा में कार्रवाई करें। उन्होंने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी है।

न्यूज़क्रेडिट: sachbedhadak



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