PFI पाबंदी बोले CM योगी, कहा- देश की सुरक्षा के लिए खतरा बने संगठन स्वीकार्य नहीं


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर पाबंदी लगाए जाने का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, ”राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और उसके आनुषांगिक संगठनों पर लगाया गया प्रतिबंध सराहनीय एवं स्वागत योग्य है।” उन्होंने इसी ट्वीट में कहा, ”यह ‘नया भारत’ है। यहां आतंकी, आपराधिक और राष्ट्र की एकता व अखंडता तथा सुरक्षा के लिए खतरा बने संगठन एवं व्यक्ति स्वीकार्य नहीं।”
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बुधवार को पीएफआई तथा उसके कई सहयोगी संगठनों पर आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए पाबंदी लगा दी है। यह कदम पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी और उसके अनेक सदस्यों की हाल में हुई गिरफ्तारी के बाद उठाया गया है।
सबसे पहले PFI है क्या?
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई का गठन 17 फरवरी 2007 को हुआ था। ये संगठन दक्षिण भारत के तीन मुस्लिम संगठनों का विलय करके बना था। इनमें केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिथा नीति पसराई शामिल थे। पीएफआई का दावा है कि इस वक्त देश के 23 राज्यों यह संगठन सक्रिय है।
देश में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट यानी सिमी पर बैन लगने के बाद पीएफआई का विस्तार तेजी से हुआ है। कर्नाटक, केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में इस संगठन की काफी पकड़ बताई जाती है। इसकी कई शाखाएं भी हैं। गठन के बाद से ही पीएफआई पर समाज विरोधी और देश विरोधी गतिविधियां करने के आरोप लगते रहते हैं।



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