3 वर्ष की बच्ची का किया अपहरण, 2 आरोपी गिरफ्तार


कैमूर। बिहार के कैमूर में पुलिस को बड़ी उपलब्धि हाथ लगी है। जहाँ रामगढ़ के सरस्वती शिशु मंदिर से गायब 3 वर्षीय बच्ची को 24 घंटे के अंदर झारखंड के रामगढ़ थाना क्षेत्र के कुज्जु से बरामद कर परिजनों को लौटा दिया गया है। वही परिजनों ने बच्ची पाने के बाद जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है की 3 लाख रूपये फिरौती मांगने को लेकर अपराधियों ने बच्ची का अपहरण किया था। इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीँ एक इंडिका कार, 2 मोबाइल एक कड़ा और 30 रुपये को बरामद किया है। वही इस मामले को लेकर SP राकेश कुमार ने बताया की 29 सितंबर को रामगढ़ सरस्वती शिशु मंदिर से एक 3 वर्षीय बच्ची के गायब होने का प्राथमिकी रामगढ़ थाना में दर्ज कराया गया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा तकनीकी अनुसंधान के आधार पर अगले दिन 30 सितम्बर को सुबह 6:00 बजे झारखंड राज्य के रामगढ़ जिला अंतर्गत कूज्जु थाना क्षेत्र में संदिग्धों का मोबाइल लोकेशन पाया जो लोकेशन बार-बार बदल रहा था। वही इसके बाद पुलिस अधीक्षक कैमूर द्वारा झारखंड के रामगढ़ एवं बोकारो पुलिस को वस्तु स्थिति में अवगत कराते हुए सहयोग करने का अनुरोध किया गया। जिसके बाद रामगढ़ और बोकारो पुलिस की दूसरी टीम व पुलिस की विशेष टीम एवं ऑपरेशन चलाया गया। वही इसी दौरान रामगढ़ जिला क्षेत्र में कोयला मंडी में खड़ा हुआ सफेद रंग की इंडिका कार जिसका नंबर प्लेट सफेद पेंट किया हुआ था। उससे बच्ची गोल्डी को सकुशल बरामद किया गया। साथ ही अपहरणकर्ता बिट्टू यादव पिता भोलानाथ यादव, रामव्यास सिंह यादव, शाखा गौरा थाना मोहनिया जिला कैमूर को गिरफ्तार करते हुए घटना में प्रयुक्त टाटा इंडिका कार को भी बरामद किया गया। पुलिसिया पूछताछ के क्रम में बिट्टू यादव द्वारा बताया गया कि उनके परिजनों से फिरौती में 3 लाख रुपये की मांग करने की योजना थी। यह भी बताया की वादी के घर तीन-चार बार जाकर स्कूल में बच्चे को टॉफी बिस्कुट दिया करते थे। ताकि बच्ची से नजदीकियां बनी रहे। वहीं पुलिसिया पूछताछ में बिट्टू यादव ने बताया की अपने साथी नीरज कुमार पिता स्वर्गीय बड़े लाल सिंह जमुरना थाना रामगढ़ जिला कैमूर के साथ मिलकर 15 दिन पहले इस घटना की योजना बनाई गई थी। इनके द्वारा पिछले 7 दिनों से इस घटना को अंजाम देने का प्रयास किया जा रहा था। लेकिन वह सफल नहीं हो पा रहे थे। लेकिन 29 सितंबर को इस घटना को करने में सफल हुए। पूछताछ के क्रम में यह बताएं कि नीरज द्वारा बोला गया था कि बच्ची को लेकर तुम सीधा टोल प्लाजा सासाराम पर पहुंचकर वहीं से कॉल करना। लेकिन लोगों की आवाजाही के कारण नीरज टोल प्लाजा पर बिट्टू यादव से नहीं सम्पर्क कर सका।

न्यूज़ क्रेडिट: amritvarshanews



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